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World Parkinson's Day 2021 : पारà¥à¤•िंसन के रोगी कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ और किन चीजों से करें परहेज?
वैसे तो पारà¥à¤•िंसन रोगियों के लिठकोई खास डाइट पà¥à¤²à¤¾à¤¨ नहीं है। लेकिन इन डाइट टिपà¥à¤¸ को फॉलो करके इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम किया जा सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ आपने कà¤à¥€ पारà¥à¤•िंसन बीमारी (Parkinson disease) के बारे में सà¥à¤¨à¤¾ है? इस रोग में पूरे शरीर की गतिविधियां पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ (Activities affected) होती है। इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में कंपकंपी (Shiver), धीमी गतिविधि (Slow movement), शरीर का पोसà¥à¤šà¤° बनाने में गड़बड़ी (Disturbances in body posture), शरीर का संतà¥à¤²à¤¨ बनाने में समसà¥à¤¯à¤¾ (Problem in balancing the body), बोलने में समसà¥à¤¯à¤¾, हाथ में सूजन (Inflammation in hand), यादà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥à¤¤ कमजोर (Memory weak) होना और खाना निगलने की दिकà¥à¤•त शामिल हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि पारà¥à¤•िंसन के रोगियों में ये सà¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ नजर आà¤à¤‚। सà¤à¥€ रोगियों में इसके लकà¥à¤·à¤£ अलग-अलग नजर आते हैं। पारà¥à¤•िंसन रोगियों के लिठकोई विशेष डाइट पà¥à¤²à¤¾à¤¨ नहीं बताया गया है, लेकिन कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हैं जिनके सेवन से इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम किया जा सकता है। विशà¥à¤µ पारà¥à¤•िंसन दिवस के मौके पर आकाश हेलà¥à¤¥à¤•ेयर के नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिसà¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° मधà¥à¤•र à¤à¤¾à¤°à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤œ बता रहे हैं कि पारà¥à¤•िंसन रोगियों को कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर किन चीजों से परहेज करना चाहिà¤à¥¤ (Parkinson patients should Eat and avoid)
कà¥à¤¯à¤¾ होता है पारà¥à¤•िंसन? (What is parkinson)
पारà¥à¤•िंसन नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® (Nervous system) से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ à¤à¤• बीमारी है, जिसमें शरीर के अंगों (Body parts) में कंपन (Vibration) महसूस होता है। यह रोग समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। वैसे तो पारà¥à¤•िंसन रोग किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° के लोगों को हो सकती हैं, लेकिन इसके जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मरीज 60 साल के पार होते हैं। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं, à¤à¤¾à¤°à¤¤ में à¤à¥€ हर साल इसके कई मामले सामने आते हैं।
फाइबर इनटेक बढ़ाà¤à¤‚ (Increase fiber intake)
पारà¥à¤•िंसन के रोगियों का पाचन तंतà¥à¤° (Digestive system) ठीक से काम नहीं कर पाता है, जिससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पेट से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने लगती हैं। इसमें सबसे आम है कबà¥à¤œ (Constipation) यानी शरीर से मल को बाहर निकालने में कठिनाई होना। लेकिन अगर à¤à¤¸à¥‡ में फाइबर रिच फूड (Fiber rich food) का इनटेक बढ़ा दिया जाà¤, तो कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ को ठीक किया जा सकता है। इसके लिठपारà¥à¤•िंसन के रोगियों को अपनी डाइट में ताजे फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को शामिल करना चाहिà¤à¥¤ इसमें à¤à¥€ इन फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करें, जिनमें à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में फाइबर पाया जाता हो। अमरूद, सेब और नाशपाती फाइबर का अचà¥à¤›à¤¾ सोरà¥à¤¸ हैं। रेशेदार सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और दाल में à¤à¥€ फाइबर की मातà¥à¤°à¤¾ अचà¥à¤›à¥€ पाई जाती हैं।
à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट है जरूरी (Antioxidant is important)
पारà¥à¤•िंसन के मरीजों को à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र डाइट लेनी चाहिà¤à¥¤ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट शरीर से विषैले पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके सेवन से पारà¥à¤•िंसन मरीजों में इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में कमी देखने को मिलती है। विटामिन-सी (Vitamin c), विटामिन-ई (Vitamin e) और बीटा कैरोटीन (Beta carotene) से यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट के अचà¥à¤›à¥‡ सोरà¥à¤¸ होते हैं। पारà¥à¤•िंसन के रोगियों को इसे अपनी डाइट में शामिल करना जरूरी होता है। à¤à¤¸à¥‡ में आप अपनी डाइट में लहसà¥à¤¨, टमाटर, अखरोट, चà¥à¤•ंदर, अदरक, अनार, कीवी, डारà¥à¤• चॉकलेट और धनिया को शामिल कर सकते हैं।
सेमी-सॉलिड और लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ डाइट (Semi solid and liquid diet)
पारà¥à¤•िंसन के पेशेंट में मूमेंटà¥à¤¸ बहà¥à¤¤ सà¥à¤²à¥‰ (Slow movement) हो जाती हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाना निगलने में à¤à¥€ काफी परेशानी होती हैं। खाना गले में फंस जाता है, जिससे खांसी होने लगती है। इसलिठपारà¥à¤•िंसन के रोगियों को à¤à¤¸à¤¾ आहार लेना चाहिà¤, जिसे आसानी से निगला जा सके। इसमें वे सेमी-सॉलिड और लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। सेमी-सॉलिड में आप खिचड़ी, दलिया, खीर और पोहा ले सकते हैं। वहीं लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ में आप पानी, फà¥à¤°à¥‚ट जूस, सूप, वेजिटेल जूस और नारियल पानी ले सकते हैं।
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ रिच फूड (Protein rich food)
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ रिच डाइट पारà¥à¤•िंसन के रोगियों के लिठकाफी फायदेमंद होती हैं। इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिà¤à¥¤ इसके लिठवे सोया मिलà¥à¤• (Soy milk), पनीर, डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ (Dairy products), वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ बींस (White beans), अंडा, टोफू (Tofu), बà¥à¤°à¥‹à¤•ली और दलिया को नियमित रूप से ले सकते हैं।
इन चीजों से करें परहेज (Avoid these things)
- धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और à¤à¤²à¥à¤•ोहल (Alcohol) को पूरी अवॉयड करें। इनका जरा à¤à¥€ सेवन आपके लिठघातक हो सकता है।
- तला-à¤à¥à¤¨à¤¾, मसालेदार और जंक फूड को à¤à¥€ अपनी डाइट से बिलà¥à¤•à¥à¤² साइड कर दें।
- जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चीनी यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ (Suar rich food) से à¤à¥€ दूरी बनाकर रखें।
- घर का बना खाना ही खाà¤à¤‚। पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ (Processed) और पैकेट बंद फूड का सेवन करने से बचें।
आप à¤à¥€ इन डाइट टिपà¥à¤¸ को फॉलो करके पारà¥à¤•िंसन के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम कर सकते हैं। अगर आपको इन डाइट टिपà¥à¤¸ से à¤à¥€ आराम नहीं मिलता तो à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह जरूर लें।
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